भारत के ग्रामीण रोजगार ढांचे में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा बदलाव हो चुका है। 1 जुलाई 2026 से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), 2005 को हटाकर उसकी जगह विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025, यानी VB-G RAM G Act, लागू कर दिया गया है। यह नया कानून ग्रामीण भारत में रोजगार गारंटी, फंडिंग और डिजिटल निगरानी के तरीके को पूरी तरह बदल देता है।
VB-G RAM G Act क्या है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास ढांचे को Viksit Bharat @2047 के राष्ट्रीय विजन से जोड़ना है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना हेतु ₹95,692.31 करोड़ का आवंटन किया है। पिछले वित्त वर्ष में MGNREGA के तहत पांच करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला था, और अब यही जिम्मेदारी नई व्यवस्था के कंधों पर है।
सबसे बड़ा बदलाव: 100 से बढ़कर 125 दिन रोजगार
नए कानून के तहत गारंटीशुदा रोजगार अब 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वर्ष कर दिया गया है। हालांकि इसके साथ एक नई शर्त भी जुड़ी है बुवाई और कटाई के पीक सीजन के दौरान 60 दिन का अनिवार्य ब्रेक रहेगा, ताकि उस दौरान खेतों के लिए मजदूर उपलब्ध रहें। कई राज्यों और श्रमिक संगठनों ने इस 60-दिन के “ब्लैकआउट पीरियड” पर आपत्ति जताई है। VB-G RAM G Act
नई मजदूरी दरें: ₹300 से ₹409 प्रतिदिन
केंद्र सरकार ने पूरे देश में ₹300 प्रतिदिन की न्यूनतम फ्लोर वेज तय की है, जिससे अब कोई भी अधिसूचित मजदूरी इससे कम नहीं होगी। लागू होने से पहले कुछ राज्यों में सबसे कम मजदूरी दर मात्र ₹241 प्रतिदिन थी।
राज्यवार दरें इस प्रकार हैं:
- ₹300/दिन — गुजरात, राजस्थान, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड सहित 21 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
- ₹308 — तेलंगाना
- ₹312 — आंध्र प्रदेश
- ₹317 — महाराष्ट्र
- ₹345 — तमिलनाडु
- ₹360 — पंजाब
- ₹382 — कर्नाटक
- ₹401 — केरल
- ₹406 — गोवा
- ₹409 — हरियाणा (सबसे अधिक सामान्य दर)
- ₹450 — सिक्किम के गनथांग, लाचुंग और लाचेन जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष दर VB-G RAM G Act
सबसे बड़ी बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश (+₹48), बिहार (+₹45) और मध्य प्रदेश (+₹39) में दर्ज की गई। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय औसत मजदूरी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है — यानी औसतन ₹28.6 की बढ़ोतरी, जो करीब 10% से अधिक है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे ज्यादा करीब 24.5% की वृद्धि देखी गई।
फंडिंग मॉडल में बड़ा बदलाव
MGNREGA में पूरी मजदूरी का खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी। VB-G RAM G के तहत अब ज्यादातर राज्यों को 40% खर्च खुद उठाना होगा, जबकि केंद्र 60% देगा। पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्यों और विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्र 90% फंडिंग करेगा, और बिना विधानसभा वाले UTs में पूरा खर्च केंद्र उठाएगा। राज्यों को दिया जाने वाला फंड अब राज्य के लेबर बजट पर नहीं, बल्कि 16वें वित्त आयोग के डिवोल्यूशन फॉर्मूले पर आधारित होगा।
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e-KYC और नए जॉब कार्ड
पुराने MGNREGA जॉब कार्ड फिलहाल मान्य रहेंगे, लेकिन इन्हें रिन्यू और e-KYC वेरिफाई कराना होगा, जब तक राज्य नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं करते। ये नए कार्ड 3 साल के लिए वैध होंगे। एकल महिलाओं, दिव्यांगजनों, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए श्रमिकों, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग रंग के विशेष कार्ड जारी किए जाएंगे। भुगतान अब सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए बैंक या पोस्ट ऑफिस खातों में होगा, और मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी देना अनिवार्य होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, e-KYC प्रणाली में फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य किया गया है। दूरदराज इलाकों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण कई मजदूरों की मजदूरी अटकने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
विरोध और आलोचना
रोलआउट के साथ ही NREGA संघर्ष मोर्चा (NSM) और ऑल इंडिया एग्रीकल्चरल वर्कर्स यूनियन (AIAWU) जैसे संगठनों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए। मुख्य आपत्तियां — मांग-आधारित रोजगार गारंटी का खत्म होना, फिक्स्ड बजट के तहत रोजगार सीमित होना, और डिजिटल वेरिफिकेशन की खामियां हैं। कई राज्यों ने वेतन दरों में और संशोधन तथा 60-दिन के ब्रेक को हटाने की मांग की है।
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निष्कर्ष
VB-G RAM G Act ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव है — ज्यादा रोजगार दिन, बेहतर मजदूरी, लेकिन साथ ही राज्यों पर वित्तीय बोझ और डिजिटल निगरानी की नई चुनौतियां भी लेकर आया है। आने वाले महीनों में इसका असल असर तभी साफ होगा जब जमीनी स्तर पर लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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