Bharat Bhushan Tiwari kon tha: न्याय मिया या नहीं

Bharat Bhushan Tiwari kon tha:16 जून को Facebook लाइव, 17 जून को एनकाउंटर में मौत। बीच में कुछ घंटे और अनगिनत सवाल। यह कहानी है 28 साल के बिहार के भरत भूषण तिवारी की। वो भरत भूषण तिवारी जिसके इर्द-गिर्द फिलहाल बिहार में सवालों का तूफान खड़ा है। बिहार में आज हर गांव, हर चौपाल और हर घर में एक ही सवाल पूछा जा रहा कि अगर कोई लड़का सिस्टम से तंग आकर गांव की टूटी सड़क, बाढ़ से हाहाकार को देखकर हाथ में हथियार उठा ले। तो क्या पुलिस उसे तब भी ठोक देगी जब वो सरेंडर की बात कर रहा हो?

इनको दे दिया गया और मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद कोर्ट में ना कोई अपराधी है ना चोर है ना चंडाल है ये तो समाज सेवा कर रहा है गोली है क्या मामला था कितनी गोली लगी है सर सर कितनी गोली लगी है सर सरेंडर पर एनकाउंटर क्या जायज है? क्योंकि जिस भरत तिवारी को बिहार पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया वो बीएससी का छात्र है। उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं निकला है। किसी गैंग का वो हिस्सा नहीं था। हिस्ट्री शीट बदमाश नहीं था। गांव की सड़क, बाढ़ और बिजली के लिए आवाज उठा रहा था। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

हां, 16 जून को जरूर वो लाइव आया। पिस्तोल दिखाई। एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जहां पर पुलिस वाले घर के सामने आए हैं। वहां भी वो पिस्तल दिखा रहा है। वो अपने आप को भगत सिंह से जोड़ते हुए कह रहा था कि यह लड़ाई मैं अकेले लड़ रहा हूँ। लेकिन इस लाइव खत्म होने के बाद पुलिस स्ट पहुंचती है और कुछ ही घंटों में वो जिंदा नहीं बचता। और यहीं से सवाल उठता है कि जिस देश में नक्सलियों को भी सरेंडर करवाया जाता है। वहां पर बिहार में एक लड़के को कट्टा दिखाने के लिए क्या एनकाउंटर में मार गिराया जाता

भरत तिवारी की कहानी इसलिए परेशान करती है क्योंकि अगर किसी का लड़का भी किसी गलत रास्ते पर जा रहा हो और हथियारों के जरिए एक सोच को मुकम्मल करना चाहता हो दिखाकर अमल कर नहीं तो क्या उसको मार डाला जाएगा? हालांकि पुलिस का तर्क अलग है। पुलिस कहती है कि भरत ने 810 राउंड फायरिंग की, इसलिए हमने गोली से उड़ा दिया। मुख्यमंत्री कहते हैं कि वो मानसिक तौर पर विक्षिप्त था। हम उसे अस्पताल भिजवाने वाले थे और मां कहती है कि मेरा बेटा पिस्तौल सौंपकर सरेंडर कर रहा था। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

परिवार कहता है कि निहत्ते लड़के पर गोलियां दाग दी गई। जनता के मन में सवाल है कि सच कौन बोल रहा है? सच क्या है? अगर कारवाई सही थी तो फिर शाहपुर थानेदार समेत चार पुलिसकर्मियों को बिहार पुलिस ने सस्पेंड क्यों किया? अगर वह गोली चला रहा था तो पुलिस की कार्यशैली सही थी। ऐसे में पुलिसकर्मियों को सस्पेंड क्यों और अगर सस्पेंड किया गया तो क्या जो परिवार आरोप लगा रहा है वो सही है? एक बेकसूर को एनकाउंटर में मार गिराया गया।

सीएम सम्राट चौधरी ने पहले कहा था कि डीजीपी ने बताया है कि वो मानसिक तौर पर थोड़ा डिस्टर्ब है। उसे अस्पताल भेजना है। पुलिस को कट्टा दिखाने वाले वीडियो से वो भी परेशान थे। क्या वे इतने बेखबर थे कि वे अपराधी थे? और अगर वह पहले मानसिक विक्षिप्त था तो बाद में अपराधी कैसे निकला जिसे गोली मार दी गई? क्या पुलिस वालों ने डीजीपी ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी? और अगर यह एनकाउंटर सही है तो फिर सम्राट चौधरी के अपने मंत्री मिथिलेश तिवारी यह क्यों कह रहे हैं कि एनकाउंटर गलत है इसको उसके अपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था और हाफ एनकाउंटर अगर एनकाउंटर जरूरी भी था तो हाफ एनकाउंटर करना चाहिए बड़े-बड़े आतंकवादियों को भी पहले पैर में गोली मारी जाती है। अपराधियों को पैर में गोली मारी जाती है। यहां चार से पांच गोली मारकर एक व्यक्ति को मार डालने के पीछे पुलिस की सोच क्या थी |

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यह सारे सवाल वो हैं जिनको लेकर आज देश बटा हुआ है। कुछ लोग जाति के नाम पर, कुछ लोग एक मासूम की मौत के नाम पर, कुछ बिहार पुलिस के इस रवैये को लेकर। लेकिन आज इस कहानी को समझना सोचना जरूरी है और इसीलिए आज इस पूरी कहानी को इनके दोनों पक्षों को बिना किसी पक्षपात के हम रखने वाले हैं क्योंकि हमारी नजर में यह कहानी सिर्फ भारत की नहीं है। यह आपके लिए भी कहानी है। यह बिहार की कहानी, ये देश की कहानी है और सच छिपना नहीं चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में आज हम पांच सवाल पूछना चाहेंगे। सवाल नंबर एक: क्या बिहार पुलिस इतनी सक्षम नहीं थी? कि एक आदमी का हथियार छिनवाकर उसे सरेंडर करवा लेती। क्या एनकाउंटर करना आखिरी नियम था? दूसरा सवाल भरत तिवारी केस में जो वीडियो आ रहा है जहां पर कट्टा वो फेंक देता है और कहता है सरेंडर और जो परिवार भी कह रहा है मां कह रही है कि सरेंडर किया था तो सरेंडर करने के बाद उसको गोली क्यों मारी गई? सवाल नंबर तीन अगर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यह कहते हैं कि मैं हैरान था मेरी पुलिस ने एक आदमी को पकड़ा क्यों नहीं जब वो कट्टा दिखा रहा था और फिर कहा कि डीजीपी हमसे कहे कि वो मंटली डिस्टर्ब इंसान था तो वही सम्राट चौधरी जिनके नीचे बिहार की पूरी पुलिस है Bharat Bhushan Tiwari kon tha

उनकी पुलिस यह थ्योरी क्यों दे रही है कि 10-12 गोली मारी हमने मार दिया या तो डीजीपी ने मुख्यमंत्री को बेवकूफ बनाया या मुख्यमंत्री ने गलत स्टेटमेंट दिया। लेकिन फिर इसी सवाल है कि अगर भरत तिवारी ने पुलिस वालों पर गोलियां चलाई तो फिर पुलिस वालों को बिहार पुलिस ने सस्पेंड क्यों किया? अगर पुलिस वाले निर्दोष हैं तो पुलिस वालों को सस्पेंड क्यों किया गया? और क्यों ना समझा जाए कि सस्पेंशन जो है, वो शक बढ़ा रहा है। चौथा, अगर वो बीमार था, मेंटली डिस्टर्ब था, तो जो देश का कानून कहता है कि अस्पताल पहुंचाना चाहिए। ईश्वर के पास ,नहीं वो नीति क्यों नहीं अपनाई गई? भारत का कानून कहता है कि एनकाउंटर आखरी चारा है। तो जिस देश में अलगाववादियों को, आतंकवादियों को, नक्सलियों को सरेंडर करने का मौका दिया जाता है, वहां पर इस लड़के को सरेंडर करने का मौका क्यों नहीं दिया गया? यह पांच सवाल बिहार सरकार से, बिहार पुलिस से और देश की जनता से हम पूछना चाहते हैं।

अब सबसे पहला: कि Bharat Bhushan Tiwari kon tha?

तो जितना सोशल मीडिया के जरिए हमने जाना भरत तिवारी एक नया लड़का जो गांव में लोगों की मदद कर रहा था जो बागेश्वर बाबा का भक्त था। हिंदू राष्ट्र की स्थापना करने की बात को लेकर मध्य प्रदेश तक पैदल गया था। कई जगहों पर गरीबों की मदद करने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं। भगत सिंह साहब से वह बड़ा इंस्पायर्ड था। उसकी नजर में क्रांति लाना जरूरी था। कुछ वीडियोस ऐसे आए हैं जहां पर वह कट्टावट्टा का इस्तेमाल करते दिखाई पड़ रहे हैं। अगर पिता की नजरिए से देखें तो भरत तिवारी वो लड़का है जो गांव में इलेक्ट्रिक बाइक का शोरूम खोलने की तैयारी कर रहा था। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

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लाइसेंस की अर्जी दी थी। यानी पिता की नजर में वह भविष्य के सपने बुन रहा था। यह परिवार कह रहा है। लेकिन एक थ्योरी और आ रही है कि उसका दिमागी संतुलन पूरी तरह सही नहीं था। जो बात डीजीपी ने भी कही थी और यही बात परिवार की तरफ से भी आई है कि वह अंदर-अंदर थोड़ा परेशान टूटा था। पुलिस ने भी मानसिक रूप से उसे परेशान बताया। अब एक पढ़ा लिखा लड़का सपने देखने वाला लड़का हाथ में बंदूक उठाता है और उस बंदूक उठाने के लिए उसकी जान चली जाती है। यही सवाल उठता है कि भाई ऐसा क्यों हुआ? और यह एनकाउंटर ही क्यों हुआ? तो एनकाउंटर क्यों हुआ? यह हम आपको नहीं बता सकते, लेकिन यह बताते हैं कि एनकाउंटर के दिन क्या-क्या हुआ था। 17 जून को करीब 9:00 बजे शाहपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम जो है बिलौटी गांव पहुंचती है। ठीक यहीं से दो अलग-अलग कहानियां शुरू होती हैं।

पुलिस कहती है कि भरत ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। चेतावनी के बाद नहीं रुका। इसलिए जवाबी कारवाही में पुलिस ने गोली मार दी। कुछ गोली पैर में लगी। अभी पोस्टमार्टम हुआ नहीं है। परिवार कह रहा है कि गोली शायद पेट में या जाँघ में लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि घायल भरत को पहले शाहपुर, फिर आरा और फिर पटना के पीएमसीएच ले जाएगा। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाती है। उसकी मौत की खबर सुनते ही गांव में गुस्सा फूट जाता है और फिलहाल उसकी मौत के बाद बड़ी संख्या में उसके गांव में लोग उसे समर्थन देने जा रहे हैं। उनकी मां, उनकी बहन मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस पर जबरदस्त तरीके से आक्रोशित है। गुस्से में कई भारीभरकम शब्दों का वो इस्तेमाल भी कर रही है। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

मां सड़क के बीचों-बीच अपने जवान बेटे को लेकर रोती नजर आई। बहुत सारे रोने वाले वीडियोस उनके निकल कर आए। बहुत सारे लोग भी उनकी मां के पास जाकर समझने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ दर्द बांटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल हर आंख में एक सवाल है कि हुआ क्या था? ऐसा क्या हुआ था कि जिस देश में नक्सलियों को जिस कश्मीर में आतंकवादियों को सरेंडर करवा लेते हैं वहां पर बिहार में एक आदमी को बंदूक दिखाने के लिए एनकाउंटर में मार डालते हैं। यह मामला बड़ा गमाया हुआ है और जब ये मामला गरमाया है तो थानेदार समेत चार पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। Bharat Bhushan Tiwari kon tha

नोट:– Bharat Bhushan Tiwari kon tha Fancy Khabar के टीम को आशा है की आपको ये आर्टिकल की जानकारी usefull लगा हो और मेरे टीम में मदद में जितनी हो सका उस्तना रिसर्च की जानकारी दी गयी है | और बता दू की इस आर्टिकल में जो फोटो का उपयोग किया गया है पूरी तरह से ऑफिसियल वेबसाइट से लिया गया बहुत ही रिसर्च के जानकारी दी जाती है इस वेबसाइट से आपको कोई या किसी भी तरह के गलत जानकारी नहीं दी गयी है इसलिए माफ़ी चाहता लेकिन उस गलती को आप हमें बता सकते है ताकि हम वेबसाइट में अपडेट कर सक Contact us : Thanks

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