केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया दहेगाम ने 13 जुलाई 2026 को गुजरात के गांधीनगर जिले के दहेगाम शहर में स्थित कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के नए सब्जी सब-यार्ड का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम दहेगाम एपीएमसी के अमृत महोत्सव समारोह के अवसर पर आयोजित किया गया, जो सहकारिता क्षेत्र और कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें अमित शाह ने किया दहेगाम
गांधीनगर जिले के दहेगाम में आयोजित इस समारोह में केवल सब्जी सब-यार्ड का लोकार्पण ही नहीं हुआ, बल्कि इसके साथ कई अन्य गतिविधियां भी हुईं। अमित शाह ने इस मौके पर देश भर में चल रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इसके अलावा उन्होंने दहेगाम एपीएमसी के अमृत महोत्सव पर तैयार की गई एक स्मारिका (सोविनियर) का विमोचन भी किया, जिसमें मंडी समिति के अब तक के सफर और उपलब्धियों को दर्ज किया गया है। अमित शाह ने किया दहेगाम
कार्य क्रम में जुढ़े गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, दहेगाम APMC के अध्यक्ष सुमेरु अमीन सहित सहकारिता क्षेत्र (जगह) के कई प्रतिनिधि, मंडी समिति के सदस्य और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्य क्रम के दौरान अमित शाह ने APMC बोर्ड के सदस्यों के साथ भी सीधा संवाद किया और सहकारिता व कृषि विपणन को और सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा की।
नया सब्जी सब-यार्ड किसानों के लिए क्यों खास है?
दहेगाम एपीएमसी द्वारा विकसित किया गया यह नया सब्जी सब-यार्ड किसानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस एक बेहतर विपणन मंच उपलब्ध कराएगा। इस नई सुविधा के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादक किसानों को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है:
- बेहतर मूल्य: किसानों को अपनी उपज का सही और प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सकेगा, क्योंकि सब-यार्ड में खरीदारों और विक्रेताओं के लिए पारदर्शी व्यवस्था होगी।
- ताजी सब्जियां उपभोक्ताओं तक: आधुनिक बुनियादी ढांचे की वजह से सब्जियों की गुणवत्ता बनी रहेगी और वे जल्दी बाजार तक पहुंच सकेंगी।
- पारदर्शी कृषि विपणन प्रणाली: नीलामी और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: नए सब-यार्ड से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और किसानों की आय में इजाफा होने की संभावना है।

सहकार से समृद्धि के विजन से जुड़ा कार्यक्रम
यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि‘ के विजन के अनुरूप है, जिसके तहत केंद्र मंत्री देश में सहकारिता क्षेत्र (जगह) को मजबूत बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। हमरे गृह अमित शाह के पास गृह मंत्रालय के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय का भी प्रभार है, और वे लगातार देश भर की सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण पर जोर देते रहे हैं।
दहेगाम एपीएमसी जैसी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं, क्योंकि ये छोटे और मंझोले किसानों को संगठित बाजार तक पहुंच प्रदान करती हैं। ऐसे में नए सब्जी सब-यार्ड का शुरू होना स्थानीय किसानों के लिए सीधा लाभकारी कदम है।
अमृत महोत्सव का महत्व
दहेगाम एपीएमसी का अमृत महोत्सव मंडी समिति की स्थापना और सेवा के वर्षों को समर्पित एक विशेष आयोजन है। ऐसे मौकों पर संस्थाएं अपने अतीत के सफर को याद करने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं की भी रूपरेखा तैयार करती हैं। नए सब्जी सब-यार्ड का उद्घाटन इसी कड़ी में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की कृषि विपणन क्षमता को और बढ़ाएगा।
गुजरात में कृषि विपणन को मिलेगी नई दिशा
गुजरात कृषि उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, और APMC जैसी संस्थाएं राज्य में किसानों और व्यापारियों के बीच कड़ी का काम करती हैं। दहेगाम जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र (जगह) में एक आधुनिक तरह की सब्जी सब-यार्ड का होना यहाँ के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उपज की बर्बादी कम होगी और बाजार तक पहुंच आसान होगी।
इसे भी पढ़े >> Vietnam Mein Boat Hadsa: 15 Se Zyada Indian Tourists Ki Maut, Rescue Operation Jaari
केंद्रीय मंत्री अमित शाह का यह दौरा केवल एक उद्घाटन समारोह भर नहीं, बल्कि सहकारिता और कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी रहा। स्थानीय किसानों और व्यापारियों में इस नई सुविधा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, और उम्मीद है कि आने वाले समय में यह सब-यार्ड मॉडल राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
निष्कर्ष
गांधीनगर जिले के दहेगाम में अमित शाह द्वारा नए सब्जी सब-यार्ड का उद्घाटन किसानों की आय बढ़ाने, कृषि विपणन को पारदर्शी बनाने और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस पहल है। पौधरोपण और स्मारिका विमोचन जैसे कार्यक्रमों के साथ यह आयोजन दहेगाम एपीएमसी के अमृत महोत्सव को और भी यादगार बना गया। आने वाले समय में इस तरह की पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होंगी।
नोट:– Fancy Khabar के टीम को आशा है की आपको ये आर्टिकल की जानकारी usefull लगा हो और मेरे टीम में मदद में जितनी हो सका उस्तना रिसर्च की जानकारी दी गयी है | और बता दू की इस आर्टिकल में जो फोटो का उपयोग किया गया है पूरी तरह से ऑफिसियल वेबसाइट से लिया गया बहुत ही रिसर्च के जानकारी दी जाती है इस वेबसाइट से आपको कोई या किसी भी तरह के गलत जानकारी नहीं दी गयी है इसलिए माफ़ी चाहता लेकिन उस गलती को आप हमें बता सकते है ताकि हम वेबसाइट में अपडेट कर सक Contact us : Thanks